नवजात शिशु को बुखार आने पर क्‍या करें

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नवजात शिशु को बुखार आने पर क्‍या करें
नवजात शिशु को बुखार आने पर क्‍या करें

अगर आप अभी कुछ समय पहले ही माता पिता बने हैं तो एक नवजात शिशु की देखभाल करना उसके स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल करना आपके लिए एक बडी चुनौति होता है। ऐसे में यदि आपके नवजात शिशु को बुखार आ जाये तो आपको क्‍या करना चाहिए यह आपको जानना अत्‍यन्‍त आवश्‍यक हो जाता है। इसलिए इस पोस्‍ट के माध्‍यम से हम आपको जानकारी उपलब्‍ध करा रहा हैं कि आप आपके नवजात शिशु को बुखार आने पर क्‍या करें।

नवजात शिशु को बुखार आने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से प्रथम कारण तो यह होता है कि आपने अपने नवजात शिशु को ज्‍यादा कवर/ढक रखा होगा दूसरा उसे वास्‍तव में बुखार हो सकता है जिसके कई कारण हो सकते हैं। आप कैसे इन दोनो में अन्‍तर करेंगे की वास्‍तव में उसे बुखार है या आपने उसे ज्‍यादा ढक दिया है इसके कारण बुखार है इसके लिए आप नीचे बताये गये तरीको को अपना सकते हैं।

1 सबसे पहले आप अपने नवजात शिशु के शरीर का तापमान नापे जिसके लिए आप rectal thermometer or Axillary thermometer को प्रयोग में ला सकते हैं। अगर आपके बच्‍चे का Axillary Temperature 100 degrees से ज्‍यादा है तब आप अपने बच्‍चे का हाथ और पैर को छूकर पाता करें कि उसे हाथ और पैर दोनों गरम तो नहीं हो रहे हैं, अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब है कि आपने अपने बच्‍चे को ज्‍यादा कवर/ढक रखा है। ऐसे में सबसे अच्‍छा होगा कि आप अपने बच्‍चे को अनकवर/यानि कम ढके।

2 अगर आपके बच्‍चे के हाथ और पैर ठण्‍डे हो और बच्‍चा भी देखने में ठीक प्रतीत नहीं हो रहा है तो उसे वास्‍तव में बुखार होने की पूरी सम्‍भावना है। ऐसे में आपके पास यदि बच्‍चो को दी जाने वाली Paracetamol Drops हो तो आप यह दवा बच्‍चे को दे सकते है परन्‍तु ध्‍यान रहें कि यह दवा बच्‍चे को उसके वजन के मुताबिक दी जाती है।

इसके लिए आप अपने बच्‍चों वाले डाक्‍टर से भी राय ले सकते है कि आपको अपने बच्‍चे को कितनी दवा देनी चाहिए। अगर रात का समय हो और आपको दवा देनी पडे तो ध्‍यान रखे 2 Dose से ज्‍यादा दवा नहीं देनी चाहिये।

और अगले दिन आप अपने डाक्‍टर के पास जरूर जाये क्‍यो‍ंकि कई बार बुखार आने का कारण Infection sepsis or other common bacterial infection हो सकता है जोकि ध्‍यान न देने के कारण अत्‍याधिक बढ जायेगा।

कही आपके बच्चे को भी मल त्यागनें में कठिनाई या कई दिनों तक मल ना आना, चिडचिडा रहना, पेट फूला या कडा होना, मल त्यागतें समय चेहरा लाल हो जाना या जोर लगाना आदि समस्याओं का सामना तो करना नहीं पड रहा है तब यह पोस्‍ट पढना न भूले

इसलिए आप डाक्‍टर से बुखार आने के कारण की जांच अवश्‍य करा लें अन्‍यथा ज्‍यादा infection बढ जाने के कारण आपके बच्‍चो को सही होने में भी ज्‍यादा समय लग सकता है।

दोस्‍तो मै भी दो बच्‍चो का पिता हूँ चूंकि किसी सीनियर के न होने के कारण मुझे भी अपने बच्‍चे को समझने में कठिनाईयों का सामना करना पडा इसलिए आपको मेरी तरह परेशानी न उठानी पडे इसलिए मै अपना अनुभव इस लेख के माध्‍यम से आपसे साझा कर रहा हूं। मै उम्‍मीद करता हूँ कि आपको मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी काम आयेगा।