काशी विश्‍वनाथ

Kashi Vishwanath Temple विश्‍वेश्‍वर ज्‍योर्तिलिंग:- विश्‍वेश्‍वर ज्‍योर्तिलिंग भगवान शंकर के 12 ज्‍योर्तिलिंगों में से 7 वें स्‍‍थान पर आता है। यह ज्‍योर्तिलिंग उत्‍तर प्रदेश राज्‍य के वाराणसी जिले के काशी नामक शहर में अवस्थित है। इस शिवलिंग के दो भाग है एक भाग दाहिने में माता सती व दूसरे भाग में भगवान शंकर विराजमान है।

काशी विश्‍वनाथ / विश्‍वेश्‍वर ज्‍योर्तिलिंग से संबंधित कथा

पौराणिक मान्‍यता के अनुसार भगवान शंकर से माता पार्वति का विवाह होने के उपरान्‍त भी माता पार्वति अपने पिता राजा दक्षप्रजापति के यहां पर ही रहती थी। माता पार्वति को विवाह उपरान्‍त अपने पिता के घर रहना अच्‍छा नहीं लगता था इसलिये उन्‍होंने भगवान शिव से प्रार्थना की , कि वह उन्‍हें अपने साथ ले जाए क्‍योंकि शादि के बाद पत्‍नी अपने पति के पास रहती है।

भगवान शिव ने माता पार्वति की बात मान ली तथा वह उन्‍हें अपने साथ पावन नगरी काशी ले आये। तथा यहीं पर माता पार्वति व भोलेनाथ ज्‍योर्तिलिंग के रूप में स्‍था‍पित हो गए।

चूंकि यहां पर मां भगवती दाहिने ओर विराजमान है इसलिये मुक्ति का मार्ग केवल यहीं खुलता है। ऐसी मान्‍यता है यहां पर भगवान शिव स्‍वयं तारक मंत्र देकर जन्‍म मृत्‍यु के फेर से छुटकारा दिलाते हैं। जिससे उस व्‍यक्ति का जन्‍म दुबारा नहीं होता है और वह इस जन्‍म मृत्‍यु के चक्‍कर से मुक्‍त हो जाता है।

यह एकमात्र शिवलिंग है जहां मां भगवती और भगवान शंकर एक साथ विराजमान है। अगर कोई व्‍यक्ति प्रतिदिन इस ज्‍योर्तिलिंग के दर्शन करता है तो भगवान शंकर उसके समस्‍त भार स्‍वयं ग्रहण कर लेते हैं।

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